दिन तो होता है मगर रात नहीं होती है Urdu shayari

“दिन तो होता है मगर रात नहीं होती है “5ग़ज़लेंं ज़िक्र  होता  है  मगर बात नहीं होती है।आज कल उनसे मुलाकात नहीं होती है।। वो  तवज्जो  वो  मदारात   नहीं  होती है।मुफलिसों के लिए हक़ बात नहीं होती है।। वो जगह आज भी आलम में यक़ीनन है जहां।“दिन तो होता है मगर रात नहीं होती है”।। सोचता …

दिन तो होता है मगर रात नहीं होती है Urdu shayari Read More »

एक नेकी तो कमा लूं मैं भी। Ek neki to Kama Lun main bhi

“एक नेकी तो कमा लूं मैं भी” कोई  रोता  है  हंसा लूं मैं भी।“एक नेकी तो कमा लूं मैं भी”।। दिल की ये बात न टालूं मैं भी।आपको दिल में बसा लूं मैं भी।। ऐ खुदा तू दे मुझे रिज़्क़े हलाल।एक  भूखे को खिला लूं मैं भी।। दे इजाज़त ये मुझे वक़्त  अगर।उनको पलकों पे …

एक नेकी तो कमा लूं मैं भी। Ek neki to Kama Lun main bhi Read More »

बज़्में गुलशन अदबी तंजी़म खै़राबाद का मुशायरा Urdu Hindi Shayari    

Urdu Hindi Shayari       बज़्में गुलशन अदबी तंजी़म खै़राबादखै़राबाद सीतापुर बज़्में गुलशन अदबी तंजी़म की जानिब से एक गैर तरही शेरी नशिस्त  का इन्काद अशफ़ाक अली गुलशन खै़राबादी के मकान पर हुआ।जिसकी सदारत डॉक्टर अज़ीज़ खै़राबादी  और निजा़मत के फ़राइज मजाज़ सुल्तानपुरी ने अंजाम दिए।नशिस्त का आगाज़ नाते पाक से हुआ।इस मौके पर जिन शोरा ए …

बज़्में गुलशन अदबी तंजी़म खै़राबाद का मुशायरा Urdu Hindi Shayari     Read More »

मुत्मइन तुम भी रहो हम भी रहें गुलशन में

Urdu Shayari & Gazal बज़्में ग़ज़ल उर्दू सोसाइटी खै़राबाद का महाना तरही प्रोग्राम खै़राबाद सीतापुरबज़्में ग़ज़ल उर्दू सोसाइटी खै़राबाद के तहत एक तरही शेरी नशिस्त का एहतमाम बज़्म के सदर सईदुल हसन खां गुहर खै़राबादी के मकान पर उन्हीं के जे़र ए एहतमाम किया गया।जिस की सदारत बज़्म के सदर डॉक्टर अज़ीज़ खै़राबादी ने की …

मुत्मइन तुम भी रहो हम भी रहें गुलशन में Read More »

बज़्में ग़ज़ल की शेरी नशिस्त, उर्दू शायरी

Urdu Shayari बज़में ग़ज़ल उर्दू सोसाइटी खै़राबाद का महाना तरही प्रोग्राम खै़राबाद सीतापुरबज़्में ग़ज़ल उर्दू सोसाइटी खै़राबाद के तहत एक तरही शेरी नशिस्त का एहतमाम बज़्म के सदर सईदुल हसन खां गुहर खै़राबादी के मकान पर उन्हीं के जे़र ए एहतमाम किया गया।जिस की सदारत बज़्म के सदर डॉक्टर अज़ीज़ खै़राबादी ने की और निजामत …

बज़्में ग़ज़ल की शेरी नशिस्त, उर्दू शायरी Read More »

बज़्म ए गुलशन खै़राबाद का तरही मुशायरा | Feb 2022

बज़्म ए गुलशन खै़राबाद का तरही मुशायराखै़राबाद सीतापुर बज़्म ए गुलशन अदबी तंजीम खै़राबाद की जानिब से एक तरही शेरी नशिस्त जिस का मिसरा ए तरह “ग़ज़ल कहने में आसानी बहुत है”परगुलशन खै़राबादी की रिहाइश गाह मोहल्ला शेख़ सराय खारा कुआं खै़राबाद में मुनक्क़िद हुई।जिस की सदारत हाफ़िज़ मसूद महमूदाबादी और निज़ामत के फ़राइज  मिर्जा इक़रार हुसैन इक़रार …

बज़्म ए गुलशन खै़राबाद का तरही मुशायरा | Feb 2022 Read More »

बज़्म ए गुलशन खै़राबाद का तरही मुशायरा 2022

ख़ैराबाद सीतापुर बज़्म ए गुलशन अदबी तन्ज़ीम खै़राबाद की जानिब से तरही मुशायरा मुनक़्क़िद हुआ।जिसकी सदारत डॉ अज़ीज़ खै़राबादी और निजा़मत के फ़राइज मजाज़ सुल्तानपुरी ने अंजाम दिए।जिसका मिसरा ए तरह था ।“दिल हुए जाते हैं इस दौर में पत्थर की तरह” पर हुआ जिन शोरा ए इकराम ने कलाम पेश किया वो नजर ए …

बज़्म ए गुलशन खै़राबाद का तरही मुशायरा 2022 Read More »

अंजुमन ए मोहम्मद ए रसूल खै़राबाद का मुशायरा

अंजुमने मुहम्मद ए रसूल के तहत नातिया मुशायरा खै़राबाद सीतापुरबज़्म-ए-गुलशन उर्दू अदब खै़राबाद की जानिब से  एक नातिया मुशायरा  मिर्जा इक़रार हुसैन इक़रार खै़राबादी के तत्वावधान में मोहल्ला बजदारी टोला खै़राबाद में एक अपरंपरागत मुशायरे का आयोजन किया गया।जिसमें मसूद महमूदाबादी ने पवित्र कुरान के पाठ से  शुरू किया ।  इसकी अध्यक्षता साजिद खै़राबादी ने …

अंजुमन ए मोहम्मद ए रसूल खै़राबाद का मुशायरा Read More »

ज़िन्दगी फिर भी सबको प्यारी है। Jindagi fir bhi sabko pyari hai

आईना ए गुलशन 15=18  गुलशन ख़ैराबादीडॉ अज़ीज़ खै़राबादी ..        “आईना ए गुलशन पर एक तायराना नज़र”खै़राबाद अवध  एक मर्दन खे़ज़ ख़ित्ता रहा है । हर दौर में यहां बेमिसाल हस्तियां नमूदार होती रही हैं जो न सिर्फ़ मुलकी  सतह पर बल्कि तमाम आलम में अपने नाम रोशन कर चुकी हैं। ये क़स्बा इल्म ओ अदब  …

ज़िन्दगी फिर भी सबको प्यारी है। Jindagi fir bhi sabko pyari hai Read More »

बढ़ते हुए क़दम भी हैं कुछ डगमगा रहे। Badhte hue kadam bhi hain kuchh Dagmaga rahe

आईना ए गुलशन 11 गुलशन ख़ैराबादी                        अपनी बातमेरा नाम अशफ़ाक अली है तख़ल्लुस की जगह गुलशन खै़राबादी इस्तेमाल करता हूं।मेरी पैदाइश 9 अक्टूबर 1964 ईस्वी को मुजाहिद ए आज़ादी अल्लामा फ़ज़ले हक़ खै़राबादी के मोहल्ला शेख़ सराय खै़राबाद अवध में हुई वालीदैन ने बड़े नाज़ से मेरी परवरिश की और मेरी तालीम के लिए मेरा …

बढ़ते हुए क़दम भी हैं कुछ डगमगा रहे। Badhte hue kadam bhi hain kuchh Dagmaga rahe Read More »