शायरी

मश्क़ ए सुख़न को जारी रखना। Maske Sohan ko jari rakhna।

मश्क़ ए सुख़न को जारी रखना।गुलशन बात हमारी रखना।। फूल  अगर  हैं  महकाने  तो।गोड़ के अपनी क्यारी रखना।। इल्म अगर हासिल करना है।मेहनत पैहम  जारी  रखना।। फ़न की क़ीमत यूं न मिलेगी।ग़ज़लों  को  मेआरी  रखना।। शोला शिफ़त हों लफ़्ज़ तुम्हारे।फ़िक्र  में  वो  चिंगारी  रखना।। जाने कब आ जाए बुलावा।चलने  की  तैय्यारी रखना।। उर्दू की तो …

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लो अब तुम्हारी राह में दीवार हम नहीं। Lo ab tumhari raah mein Deewar ham nahin

Sad Shayari by Gulshan Khairabadi “लो अब तुम्हारी राह में दीवार हम नहीं” करते हैं उनसे प्यार का इन्कार हम नहीं।दिल कर रहा है दर्द का इज़हार हम नहीं।। दिरहम नहीं हैं पास  ख़रीदार  हम नहीं।यूसुफ़ के होंगे और तलब गार हम नहीं।। हमने  वतन  के  वास्ते  अपना  लहू  दिया।उनकी नज़र में फिर भी वफा़दार …

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मैं दुश्मन से भी दोस्ती चाहता हूं। Urdu Ghazal

देख के मौसम भीगा भीगा याद ने ली अंगड़ाई है।दिल  में  दर्द  उठा  है  कैसा  कैसी  ये पुरवाई है।। रात को रात कहा जाता है दिन को दिन ये मान लिया।बात ये सच है आज जो तूमने महफ़िल में फ़रमाई है।। राहे वफ़ा में साथ कभी थे बिछड़ गये चलते-चलते।देखके अब तस्वीर उसी की आंख …

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घर महकता है अभी तक मेरा। Ghar mehekta hai hai abhi tak mera

देख के मौसम भीगा भीगा याद ने ली अंगड़ाई है।दिल  में  दर्द  उठा  है  कैसा  कैसी  ये पुरवाई है।। रात को रात कहा जाता है दिन को दिन ये मान लिया।बात ये सच है आज जो तूमने महफ़िल में फ़रमाई है।। राहे वफ़ा में साथ कभी थे बिछड़ गये चलते-चलते।देखके अब तस्वीर उसी की आंख …

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सबसे प्यारा ये हमारा अपना हिंदुस्तान है Sabse pyara yah hamara apna Hindustan hai

ये हिमाला सबसे ऊंचा हिंद की इक शान है।सबसे  प्यारा  ये  हमारा अपना हिंदुस्तान है।। मालो दौलत पर है नाज़ां तू भी क्या नादान है।चन्द  रोज़ा  ज़िन्दगी  का  ये  सरो  सामान है।। सबको अपनी ही पड़ी है दूसरों की फ़िक्र क्या।“ये  हमारे  वक्त़  की  सबसे  बड़ी  पहचान  है” पैकरे  खुलको वफ़ा है दैरो  का़बा से …

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उंगलियां यूं न सब पर उठाया करो। Ungaliyan you Na Sab par uthaya karo

दुनिया में उसका नूर है ओर बेहिसाब है।जो ज़र्रा है वो अपनी जगह आफ़ताब है।। ता हशर उसमें होगी ना तरमीम दोस्तो।कुरआन वो जहां में मुकम्मल किताब है।। हम आईना बने तो यक़ीनन उठेगा वो।चेहरे पर उसके आज पड़ा जो नक़ाब है।। कुदरत की है ये कारीगरी देखिए जनाब।कांटो के बीच आज भी खिलता गुलाब …

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क़ुरआन वो जहां में मुकम्मल किताब है। Quran vah Jahan mein mukmmal kitab hi.

किसी से शिक्वा न हमको कोई शिकायत थी।हमारे  दिल  में  सभी  के  लिए  मोहब्बत थी।। वो  कोई  छोटा  बड़ा  हो  कि हो कोई मजबूर।भलाई  करना  सभी  से  हमारी  फ़ितरत थी।। जो  अजनबी  थे  वही  मेरे   पास  आए  थे।जरूर  फ़सले  बहारां  की  कुछ शरारत थी।। बना  है  आज  वही  मेरी  जान  का  दुश्मन।न  दोस्ती थी न  …

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मेरी आंखें देखती हैं रोज़ इक मंज़र नया meri Aankhen dekhti Hain roj ek Manzar naya

मेरे  मौला  तू  ये  करम  कर दे।सहने गुलशन में ताज़गी भर दे।। मैं भी उड़ता फिरूं बुलंदी पर।हौसलों का मुझे तू शहपर दे।। मीरो ग़ालिब का दर्द दे मुझको।मेरी ग़ज़लों को मोतबर कर दे।। मैं जलाऊंगा हक़ की राहों में।तू चिरागों  में  रौशनी भर दे।। बेटियां पढ़के सबकी आलिम हों।ऐ  ख़ुदा  रौशनी  ये  घर-घर दे।। …

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दुनिया ए मोहब्बत में अलम देख रहे हैं। duniya Mohabbat mein Alam dekh rahi hain

57कोई क्या समझे हक़ीक़त क्या हूं मैं।“अज़मत ए आदम का आइना हूं मैं” दोस्त  हो  या  हो  कोई दुश्मन मेरा।हर किसी से आज भी मिलता हूं मैं।। उस घड़ी हमको मिला सब्रो क़रार।जिस घड़ी उसने कहा तेरा हूं मैं।। कौन सुनता है यहां अपने सिवा।पत्थरों  के  शहर  में रहता हूं मैं।। लौट  आए  हैं  परिंदे   …

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मौसम है अपने शहर का कश्मीर की तरह Mausam hai Apne Shahar ka Kashmir ki tarah

बज़्म  में  कौन आने वाला है।जिस तरफ देखिए उजाला है।। जब भी दिल से तुम्हें निकाला है।दर्द  दुनिया  का  हम ने पाला है।। भूल बैठा हूं सारी दुनिया को।कैसा जादू ये तुम ने डाला है।। जो भी चाहो वो मांग लो रब से।हर बशर को वो देने वाला है।। उसके  आंचल  में  नींद  आएगी।उम्र भर …

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