शायरी

“आपके जैसा मैं फ़नकार कहां से लाऊं aapke jaisa mein fankar kahan se laun

उनके  कूंचे   से   यूं   गुज़र   रक्खा।ख़ौफ़ दिल में न कुछ ख़तर रक्खा। आमद ए फ़सले गुल की चाहत में ।अपनी आंखों को मुन्तज़र रक्खा।। तूने बख़्शा किसी को शीशमहल।मेरे हिस्से में  क्यों  खन्डर  रक्खा।। उसकी बख़्शिश हो क्या ताज्जुब है।दिल में जिसने खुदा का डर रक्खा।। ये भी कुदरत का इक करिश्मा है।“उसने  सूरज  ज़मीन …

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Pyasa jarur hun Magar itna nahin Hun main प्यासा जरूर हूं मगर इतना नहीं हूं मैं।

बढ़ा  जो  प्यार का ये दायरा मालूम होता है।जुनूने शौक़ का ये इरतिका़ मालूम होता है।। मेरा महबूब मुझसे कुछ ख़फा़ मालूम होता है।यही है वो अदा जिससे भला मालूम होता है।। मेरी  ही आंख में आंसू  नहीं हैं याद  से  तेरी।तेरा दामन भी तो भीगा हुआ मालूम होता है।। मेरे औराक़े माज़ी को उलट …

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तमाम उम्र रहा ज़लज़लों में घर अपना। Tamam umr rha zal zalon main Ghar apna – Urdu shayari

जो दिल दिया था उसका सिला दे गया है कौन।ये   दर्द   मुझको   तेरे    सिवा दे गया है कौन।। जब  तू  नहीं  तो  और  भला  दे गया है कौन।रातों  में  जागने   की  सज़ा   दे गया है कौन।। चाहा था जो भी सब वो मिला दे गया है कौन।अल्लाह मुझको   तेरे सिवा   दे गया है कौन।। बुझती   …

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पत्थरों का रूख़ ए हस्ती पे गुमां होता है।

पत्थरों  का  रूख़ ए हस्ती पे गुमां होता है।जब कोई शोला ए एहसास धुआं होता है।। जिसको इस राह में एहसास ज़ियां होता है।जज़्बा ए  इश्क़ वो  मक़बूल  कहां होता है।। ख़ून ए मज़लूम जो होता है ज़मीं पर कोई।मुझसे हस्सास की आंखों से रवां होता है।। आदमी गर्दिश ए हालात से घबराए क्यों।चांद तारों …

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जबीं पे धूल जम गई तो आदमी भी क्या करे।

जबीं पे धूल जम गई तो आदमी भी क्या करे।कोई तो साफ दिल करे कोई तो आईना करे।। ये आदमी की सोच है  वो चाहे जो ख़ता करे।जफ़ा करे सितम करे न जाने और क्या करे।। हमीं नहीं  हैं  मुन्तज़िर  सभी  हैं  इन्तज़ार में।न जाने कब वो आएगी ख़ुशी खुदा भला करे।। ये   इश्क़  ऐसी …

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उर्दू सब के ज़हनों दिल पर छाई है। Urdu Shayari Gulshan Khairabadi

Urdu Shayari by Gulshan Khairabadi       दुआ पेशे खिदमत है   मेरे   मौला तू  ये  करम  कर दे ।सहने गुलशन में ताज़गी भर दे  ।। मैं भी उड़ता फिरुँ बलन्दी पर ।हौसलों का मुझे वो शहपर दे  ।। मैं  जलाऊँगा   हक़  की राहों में  ।तू    चराग़ों   में  रौशनी   भर दे  ।। मीरो  ग़ालिब   का दर्द दे …

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मैं पढ़ लेता हूं बिस्मिल्लाह | Main padh leta Hun Bismillah

मैं पढ़ लेता हूं बिस्मिल्लाह हर इक काम से पहले।नहीं  लेता  किसी  का  नाम  तेरे  नाम  से  पहले।। मुझे  मालूम  है  बेचैन  होगी  मेरी  खातिर  मां।मैं घर को लौट आता हूं  हमेशा शाम से पहले।। उठेंगी उंगलियां मुझ पर तो इतना सोच लेना तुम।“तुम्हारा  नाम भी  आए  गा  मेरे  नाम  से  पहले”।। पढ़ा मिन्हां ख़ल्क़नाकुम …

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dua

Aisa Hindustan Bana de Ya Allah

Dua यार का तू दीदार करा दे या अल्लाह । ईद की खुशियाँ और बढ़ा दे या अल्लाह ।।  रंजो अलम सब दूर भगा दे या अल्लाह ।  खुशियां देकर ग़म को मिटा दे या अल्लाह ।। दुनिया को गुलज़ार बना दे या अल्लाह।  रंग बिरंगे फूल खिला दे या अल्लाह ।।  मिलने को हम …

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