मैं पढ़ लेता हूं बिस्मिल्लाह | Main padh leta Hun Bismillah

मैं पढ़ लेता हूं बिस्मिल्लाह हर इक काम से पहले।
नहीं  लेता  किसी  का  नाम  तेरे  नाम  से  पहले।।

मुझे  मालूम  है  बेचैन  होगी  मेरी  खातिर  मां।
मैं घर को लौट आता हूं  हमेशा शाम से पहले।।

उठेंगी उंगलियां मुझ पर तो इतना सोच लेना तुम।
“तुम्हारा  नाम भी  आए  गा  मेरे  नाम  से  पहले”।।

पढ़ा मिन्हां ख़ल्क़नाकुम सभी ने डाल दी मिट्टी।
लिटाया  दोस्तों  ने  क़ब्र  में  आराम  से  पहले।।

मुझे  तो  आज  भी  गुज़रे  हुए  दिन याद आते हैं।
वो मुझ पर मेहरबां था गर्दिश ए अय्याम से पहले।।

हमारा  फ़र्ज़  है  बढ़ते  रहें  बढ़ते  रहें    पैहम ।
जुनं में सोचना क्या है दिल ए नाकाम से पहले।।

मुहब्बत में दिए हैं तूने मुझ को ग़म बहुत गुलशन।
लगा  लूंगा  गले  सारे  दिले  ना काम  से  पहले।।
गुलशन खै़राबादी

2 thoughts on “मैं पढ़ लेता हूं बिस्मिल्लाह | Main padh leta Hun Bismillah”

  1. बहुत उम्दा गजल….
    तुम्हारा नाम भी आयेगा मेरे नाम से पहले
    वाह वाह वाह

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