ऐसा हिंदुस्तान बना दे या अल्लाह। Aisa Hindustan Bana de ya Allah

    क़ता तारीख़ तसनीफ़                     “आईना ए गुलशन”                मुसन्निफ़ गुलशन ख़ैराबादी                       नतीज़ा  ए  फ़िक्र             मुफ़्ती इलियास ‘ताइब’ ख़ैराबादी इदराक  के   साए  में  एहसास  के  आंगन  में।जज़्बात ए मोहब्बत हैं अल्फ़ाज़  के दामन में।।इस  तरह  इशाअत  की तारीख़ लिखो ‘ताइब’।है रक़्से ए ग़ज़ल अच्छा आईना ए गुलशन में।।                         2018 ईस्वी     आईना ए गुलशन 24 गुलशन ख़ैराबादी …

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हम चुका सकते नहीं क़ीमत तेरे एहसान की ham chuka sakte nahin kemat tere ahsaan ki

अपनी  अपनी फ़िक्र में  बेदार हैं।हम सभी इस दौर के फ़न्कार हैं।। क्यों न हो सब पर इनायत की नज़र।रहमत ए  कुल  जब  मेरे सरकार हैं।। क्या  गुलों से उड़ गई  सारी महक।तितलियां क्यों आजकल बेज़ार हैं।। ख़ुश नज़र आए यहां कोई तो क्यों।सब  के  शानों पर  ग़मों  के बार हैं।। फ़र्ज़ है कोई अमल …

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अब उनसे जाके ये क़ासिद प्याम कह देना। Ab unse jak ya qasid payam kah dena

अब उनसे जा के ये क़ासिद प्याम कह देना।तड़प  रहा  है   तुम्हारा   ग़ुलाम  कह  देना।। ये  जिस्म  और  जिगर  अपनी जां तो पहले थी।ये दिल भी कर दिया अब उसके नाम कह देना।। तुम्हारे  एक  न  होने  से  घर  हुआ  वीरान।बदल  के  रह  गया सारा निज़ाम कह देना।। अगर  हो  जाना कभी उनके आस्ताने पर।तो …

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दस्तार के बदले मेरा सर मांग रहे थे। Dastar ke Badli Mera sar mang rahe the

सब्जा़ है गुल है साया ए फ़ितरत है आजकल।गुलशन  पे  मौसमों  की इनायत है आजकल।। आ  रास्ता  हों  इल्म  के   ज़ेवर  से    बेटियां।समझो  यही जहेज़  की  सूरत है आजकल।। अपने    हुक़ूक़   के   लिए   बेदार   हो    गईं।मजबूर  कब  यहां कोई औरत है आजकल।। हर चीज  ही  गरां  है  तो  कैसे  हो फिर बसर।सबको पता है कितनी …

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लाख सज़्दे किया करे कोई। Lakh Sajde Kiya Kare koi

कोई अपना हो ये ख़्वाहिश बहुत है।हमारे   दिल  में   गुंजाइश  बहुत है।। सुना  है  आदमी  पत्थर  हुआ  है।पस ए पर्दा यही साज़िश बहुत है।। खन्डर  होने लगे कच्चे  मकां  सब।कि सैल ए आब है बारिश बहुत है।। ग़रीबी  में  कोई  रिश्ता  हो  कैसे।नए लोगों की फ़रमाइश बहुत है।। न  क्यों  तालीम  दूं  बेटी  को अपनी।मोअल्लिम …

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गुलशन मैं अपना हाथ बढ़ा दूं नहीं नहीं। Gulshan main apna hath badha dun nahin nahin

सहारे दोनों को हासिल हैं ज़िन्दगी के लिए।वो है किसी के लिए और मैं किसी के लिए।। मुझे  तू  फूल  दे  या  ख़ार  दे  तेरी मर्ज़ी।मैं आ गया हूं तेरे दर पे हाज़िरी के लिए।। दिखा रहे थे जो औरों को बरहमी की अदा।तड़प  रहे  हैं  वही  लोग  दोस्ती  के लिए।। करेगा चाक अभी ज़ुल्मतों …

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ख़त्म हो जाता है जीने का तमाशा कैसे khatm Ho jata hai jeene ka Tamasha kaise

ज़माने  के  मुताबिक़   ढ़ल  रहा हूं।मैं अपनी रह गुज़र पर चल रहा हूं।। न  पूछो  मुझसे वो दौर ए तबाही।जहां बीता हुआ इक पल रहा हूं।। जो खोया है उसे पाना है मुश्क़िल।अबस हाथों को अपने मल रहा हूं।। मुझे   बूढ़ा   कहेंगे   मेरे   बच्चे।मैं जिन के वास्ते पागल रहा हूं।। नई तहजी़ब का मुझपर असर …

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बेताब जिसे दिल में बिठाने के लिए था Betaab jise Dil mein bhi Thane ke liye tha

दिल पे जो नक़्श  हैं ज़माने से। कब मिटे  वो कभी मिटाने से।। कितना जां बख़्श था वो मंज़र भी।भूलता   ही    नहीं    भुलाने    से।। आज हासिल हुआ सुकूं दिल को।इक  तेरे  दर  पे  सर  झुकाने  से।। आख़िरस मिल गया मुझे साहिल।उनकी  आंखों  में  डूब  जाने  से।। होगी इस्लाह क़ौमो मिल्लत की।सोए  ज़हनों को  अब जगाने से।। …

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मश्क़ ए सुख़न को जारी रखना। Maske Sohan ko jari rakhna।

मश्क़ ए सुख़न को जारी रखना।गुलशन बात हमारी रखना।। फूल  अगर  हैं  महकाने  तो।गोड़ के अपनी क्यारी रखना।। इल्म अगर हासिल करना है।मेहनत पैहम  जारी  रखना।। फ़न की क़ीमत यूं न मिलेगी।ग़ज़लों  को  मेआरी  रखना।। शोला शिफ़त हों लफ़्ज़ तुम्हारे।फ़िक्र  में  वो  चिंगारी  रखना।। जाने कब आ जाए बुलावा।चलने  की  तैय्यारी रखना।। उर्दू की तो …

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लो अब तुम्हारी राह में दीवार हम नहीं। Lo ab tumhari raah mein Deewar ham nahin

Sad Shayari by Gulshan Khairabadi “लो अब तुम्हारी राह में दीवार हम नहीं” करते हैं उनसे प्यार का इन्कार हम नहीं।दिल कर रहा है दर्द का इज़हार हम नहीं।। दिरहम नहीं हैं पास  ख़रीदार  हम नहीं।यूसुफ़ के होंगे और तलब गार हम नहीं।। हमने  वतन  के  वास्ते  अपना  लहू  दिया।उनकी नज़र में फिर भी वफा़दार …

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